गुवाहाटी: असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के आकस्मिक निधन ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। उनकी मौत की जांच तेज हो गई है और इस मामले में अब उनके चचेरे भाई तथा असम पुलिस के अधिकारी संदीपन गर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया है।
केस की जांच असम पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) संयुक्त रूप से कर रही है। SIT ने बुधवार को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) संदीपन गर्ग को हिरासत में लिया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, संदीपन गुवाहाटी स्थित CID मुख्यालय में पूछताछ के लिए SIT के समक्ष पेश हुए थे, जहां तुरंत उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। उन्हें उसी दिन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया जा सकता है।
दिवंगत गायक के चचेरे भाई संदीपन गर्ग कथित रूप से सिंगापुर में उस नाव पर सवार थे, जहां जुबीन गर्ग की मौत हुई थी। संदीपन ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्होंने SIT के साथ लंबी पूछताछ के दौरान पूरा सहयोग किया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही इस जांच को पारदर्शी और जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। SIT ने संदीपन की गिरफ्तारी से पहले ही चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। 1 अक्टूबर को टीम ने जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ सरमा और कार्यक्रम आयोजक श्यामकानु महंत को हिरासत में लिया, जो सिंगापुर में उस संगीत समारोह के जिम्मेदार थे। दोनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज है। इसके अलावा, जुबीन के दो बैंड सदस्यों – संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी और गायिका अमृतप्रभा महंत – को भी गिरफ्तार कर 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बैंड सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि मैनेजर सिद्धार्थ सरमा और श्यामकानु महंत ने गायक को जहर देकर मार डाला। वहीं, जुबीन गर्ग की पत्नी ने एक साक्षात्कार में मौत पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैनेजर मौजूद होने के बावजूद जुबीन की सेहत का ध्यान क्यों नहीं रखा गया। वे पिछले टूर से थक चुके थे, फिर भी उन्हें स्कूबा डाइविंग के लिए क्यों मजबूर किया गया। जांच आगे जारी है।